October 21, 2026

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एस.आई.आर.-2026’ के तहत गणना फॉर्म भरा, लोगों से वोट पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी करने की अपील

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एस.आई.आर.-2026’ के तहत गणना फॉर्म भरा, लोगों से वोट पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी करने की अपील

– बी.एल.ओज़ और चुनाव आयोग के स्टाफ की अथक कोशिशों के कारण पंजाब में वोटर सूची की 90 प्रतिशत मैपिंग का काम पूरा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

– एस.आई.आर. की जारी प्रक्रिया के दौरान किसी को भी वास्तविक वोट काटने नहीं दिया जाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

(Rajinder Kumar) संगरूर, 1 जुलाई 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लोगों को वोटर सूचियों की जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.)-2026 के तहत अपने वोट की पुष्टि के लिए गणना फॉर्म (एन्यूमरेशन फॉर्म) भरने का आह्वान किया। अपने वोट की पुष्टि के लिए गणना फॉर्म भरने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने लगभग 90 प्रतिशत वोटर सूची की मैपिंग का आंकड़ा पहले ही हासिल कर लिया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी की भी वास्तविक वोट को काटने नहीं देगी।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.)-2026 के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बी.एल.ओ) 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर वोटर सूचियों की पुष्टि और सुधाई कर रहे हैं। यह बहुत ही गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य में लगभग 90 प्रतिशत वोटरों की मैपिंग पहले ही हो चुकी है और बाकी बचा काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है।”

इस काम में जुटे स्टाफ को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस उपलब्धि के लिए मैं सभी बी.एल.ओ. और चुनाव आयोग के स्टाफ को बधाई देता हूं। यह सब उनकी लगन और कड़ी मेहनत के कारण ही संभव हुआ है।”

बी.एल.ओज़. की भूमिका का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बी.एल.ओज़. हर घर जाकर ‘गणना फॉर्म’ उपलब्ध करवा रहे हैं और वोटरों को इसे भरने में मदद भी कर रहे हैं। वोटरों की सुविधा के लिए फॉर्म के साथ कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं लिए जा रहे हैं। सिर्फ मौजूदा विवरणों की पुष्टि की ही जरूरत है।”

इस प्रक्रिया के बारे में और जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया, “अगर कोई घर बंद मिलता है तो बी.एल.ओ. वहां सूचना पर्ची (इनफॉर्मेशन स्लिप) और स्टिकर लगाएगा। बी.एल.ओ. भरा हुआ फॉर्म लेने के लिए उस घर में कम से कम तीन बार दौरा करेंगे।”

लोगों से बिना किसी देरी के इस प्रक्रिया को पूरा करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सिर्फ उन्हीं वोटरों के नाम वोटर सूची के मसौदे (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) में शामिल किए जाएंगे जो सही तरीके से भरा हुआ फॉर्म जमा करवाएंगे। अगर कोई फॉर्म जमा नहीं करवाता तो उसका नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।”

फॉर्म जमा न करवाने वालों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो लोग फॉर्म जमा नहीं करवाएंगे, उनके बारे में पड़ोसियों से पूछताछ करके जरूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और ऐसे वोटरों को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित हो चुके, मृतक और दोहरी वोट वाले वोटर शामिल हैं।”

वोटर सूचियों के प्रकाशन की समय-सीमा साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “यह सूची राजनीतिक पार्टियों के बूथ लेवल एजेंटों (बी.एल.एज़.) के साथ साझा की जाएगी और वोटर सूची का मसौदा 3 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। अगर कोई वोटर वोटर सूची के मसौदे के प्रकाशन से पहले फॉर्म जमा नहीं करवा पाता तो वह 3 अगस्त से 2 सितंबर के बीच ‘डिक्लेरेशन फॉर्म’ के साथ फॉर्म-6 जमा करवाकर अपना दावा पेश कर सकता है। अंतिम वोटर सूची 1 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी।”

हर पात्र वोटर के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार एक भी वास्तविक वोट को काटने नहीं देगी। राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और पात्र वोटरों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से गैर-कानूनी तरीके से वंचित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”

लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं हर पात्र वोटर से अपील करता हूं कि वह इस प्रक्रिया में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लें क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना है।”

 

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